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Aadmi Sadak Ka Video (MV)




Performed By: Mohammed Rafi
Length: 4:51
Written by: MALIK VERMA, Ravindra Jain




Mohammed Rafi - Aadmi Sadak Ka Lyrics
Official




कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ मैं हूँ मैं हूँ आदमी सड़क का

मोहब्बत मेरा धर्म ईमान हैं
मोहब्बत मेरा धर्म ईमान हैं
मेरी जात तोह सिर्फ इंसान हैं
वही जिसने बनाये हैं दोनों जहां
वही जिसने बनाये हैं दोनों जहां
वह मेरा राम हैं
मेरा रेहमान हैं
सर झुकाए तोह देखि काशी
और सजदा किया तोह मक्का
के मैं हु आदमी सड़क का
के मैं हु मैं हु मैं हु आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ आदमी सड़क का

पीछे हट जाओ यह मैंने सीखा नहीं
पीछे हट जाओ यह मैंने सीखा नहीं
होगी मंज़िल कहा यह भी सोचा नहीं
जब बड़ा हौसला फट गया फासला
जब बड़ा हौसला फट गया फासला
रोकने से किसी के मैं रुकता नहीं
हिम्मत ही मेरा तांगा
हिम्मत ही मेरा एक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ मैं हु मैं हु आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ मैं हु मैं हु आदमी सड़क का

एक सड़क हैं यह इंसान की ज़िन्दगी
एक सड़क हैं यह इंसान की ज़िन्दगी
इसके हर मोड पर मिलते गम और ख़ुशी
जो भी घबराया वह रह गया राह में
जो भी घबराया वह रह गया राह में
और गया जो उसी को हैं मंज़िल मिली
ठोकर को मारी ठोकर
धक्के को मारा धक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ मैं हु आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
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कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ मैं हूँ मैं हूँ आदमी सड़क का

मोहब्बत मेरा धर्म ईमान हैं
मोहब्बत मेरा धर्म ईमान हैं
मेरी जात तोह सिर्फ इंसान हैं
वही जिसने बनाये हैं दोनों जहां
वही जिसने बनाये हैं दोनों जहां
वह मेरा राम हैं
मेरा रेहमान हैं
सर झुकाए तोह देखि काशी
और सजदा किया तोह मक्का
के मैं हु आदमी सड़क का
के मैं हु मैं हु मैं हु आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ आदमी सड़क का

पीछे हट जाओ यह मैंने सीखा नहीं
पीछे हट जाओ यह मैंने सीखा नहीं
होगी मंज़िल कहा यह भी सोचा नहीं
जब बड़ा हौसला फट गया फासला
जब बड़ा हौसला फट गया फासला
रोकने से किसी के मैं रुकता नहीं
हिम्मत ही मेरा तांगा
हिम्मत ही मेरा एक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ मैं हु मैं हु आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ मैं हु मैं हु आदमी सड़क का

एक सड़क हैं यह इंसान की ज़िन्दगी
एक सड़क हैं यह इंसान की ज़िन्दगी
इसके हर मोड पर मिलते गम और ख़ुशी
जो भी घबराया वह रह गया राह में
जो भी घबराया वह रह गया राह में
और गया जो उसी को हैं मंज़िल मिली
ठोकर को मारी ठोकर
धक्के को मारा धक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ मैं हु आदमी सड़क का
कोई काम नहीं हैं मुश्किल
जब किया इरादा पक्का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
के मैं हूँ आदमी सड़क का
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Writer: MALIK VERMA, Ravindra Jain
Copyright: Lyrics © Royalty Network


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